आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0045 · भाग 27

गुरु जी, क्या सेवा लेने से पुण्य नष्ट होते हैं, अगर कोई सिर्फ सेवा ले और दे नहीं?

सेवा किस स्थिति में ले रहा है? क्या देने की स्थिति में नहीं है? कम से कम मीठा बोल तो सकता है, अंतरात्मा से। किसी लायक तो है ही — स्नेह-प्यार भरे शब्द तो दे सकता है। इतने कंजूस ना बनो; कम से कम किसी को कुछ शब्द तो दे सकते हो, एक मुस्कान तो दे सकते हो।

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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14