प्रश्नोत्तर P27-0112 · भाग 27
गुरुदेव, आपका कहना सही है कि सिर्फ अपने बच्चों के लिए जीना सही नहीं है; लेकिन अधिकतर समाज कुत्तों और अन्य जीवों को दाना-पानी देता है, तो उनकी उपलब्धि क्यों नहीं हुई? ऐसा सुना नहीं है, मार्गदर्शन करें।
इसलिए कि ईमानदारी नहीं अपनाए होंगे। देखिए, बेईमान आदमी भी सत्कर्म कर बैठता है, लेकिन ईमानदारी मूल है — ईमानदारी के साथ सत्कर्म।
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वीडियो: कुछ नहीं चाहिए मैं कैसे आए ? #livesatsangyogijika #pratyakshjyan #aadhyatmikgyan · 2025-03-12