आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0189 · भाग 26

गुरु जी, प्रारब्ध कर्म का मानव जीवन में क्या महत्व है?

प्रारब्ध से मिलता है आपको। प्रारब्ध मतलब — जो आप कर रहे हो, वही आगे मिलेगा; वही प्रारब्ध कहलाता है, भाग्य कहलाता है, किस्मत कहलाता है — कुछ भी कह लो।

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वीडियो: विचार कहां से आते हैं क्या हम विचारों को कंट्रोल कर सकते हैं #योगीजी_का_सत्संग #विचार #कंट्रोल · 2024-09-05