प्रश्नोत्तर P26-0200 · भाग 26
गुरु जी, इंद्रियों को वश में कैसे किया जाए? जैसे कोई गलत आदत में आ गया हो — नशा, तंबाकू — तो उसे कैसे छोड़े?
इंद्रियों का मालिक कौन है? तुम। ऐसा तो नहीं कि इंद्रियां जबरदस्ती ले जाती हैं, बोतल खोलकर ठूंसती हैं। तंबाकू, जर्दा जो भी खाते हो, दुकान से खुद खरीदते हो, बनाते हो, खाते हो — ऐसा तो नहीं कि कोई घसीटकर ले जाता है और जबरदस्ती मुंह में डालता है। अगर भोजन छोड़ने की या सांस छोड़ने की बात हो तब हम बोल सकते हैं कि यह कैसे हो सकता है। आपको लग रहा है कि गंदी आदत है और कह रहे हो कैसे छोड़ूं — तो जियो उसी गंदगी में। लोग कहते हैं नशा कैसे छोड़ें; मैं कहता हूं, कर क्यों रहे हो? अगर कोई रस्सी में बांधकर जबरदस्ती करवाता तो मैं कहता उस एरिया को छोड़ दो। ऐसा तो है नहीं। इसलिए बुरी आदतें सीधा-सीधा छोड़ दो, नहीं तो उसका परिणाम भोगने के लिए तैयार रहो — बुद्धिमानी यही है। और छोड़ो तो ऐसे कि थूककर चाटना मत; छोड़ना है तो हमेशा के लिए, नहीं तो "चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात।"
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14