प्रश्नोत्तर P27-0009 · भाग 27
गुरु जी, सुमिरन, ध्यान, अनहद और मुद्रा का भाव क्या है?
सुमिरन मतलब प्रार्थना। इसके आगे हमें नहीं पता है और हम कभी जानने का प्रयास भी नहीं करते। अनहद नाद के बारे में न तो हमें जानकारी है, न हम इसके बारे में जानना चाहते हैं। भैया, हम सीधा-सीधा अपने चक्कर में पड़े — न चक्र के चक्कर में पड़े, न नाद के चक्कर में; सीधा अपने चक्कर में पड़े कि हमारा कैसे कल्याण हो। साफ-साफ बात।
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14