प्रश्नोत्तर P27-0008 · भाग 27
गुरु जी, अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष का भाव क्या है?
अर्थ — ईमानदारी से वैभव हो। धर्म — जब आपके द्वारा परोपकार होता है तो वहां धर्म घटित होता है, वह आपको धार्मिक बनाता है; जब आप किसी कमजोर को सताते हो तो वह आपको अधार्मिक बनाता है — यह धर्म की परिभाषा है। काम — जब भी आपके द्वारा कार्य हो तो निष्काम कार्य हो, बिना इच्छा-अपेक्षा के, और परिणाम की इच्छा अपने तरीके से ना करें। मोक्ष — अगर ये सब आपने अपना लिए तो आप मोक्ष की स्थिति में पहुंच जाओगे। एकदम सीधा-सीधा है।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14