प्रश्नोत्तर P27-0034 · भाग 27
गुरु जी, गृहस्थ जीवन का रास्ता आत्मज्ञान के लिए उत्तम क्यों है? आपने इसे साधना से भी उत्तम बताया है — मैं एक गृहस्थ हूं, कृपया मार्गदर्शन कीजिए।
इसलिए कि आप काम करते हुए, आराम से ईमानदारी से जीवन जीते हुए, सत्कर्म अपनाते हुए अपने परिवार के साथ रहकर आत्मज्ञान तक उपलब्ध हो सकते हैं। एक संन्यासी के लिए यह इतना जटिल है — वह काम नहीं कर सकता क्योंकि उसे जल्दी आत्मज्ञान चाहिए; एक वक्त की रोटी कोई खिलाए तो उसके बदले उसे उपाय बताने पड़ते हैं — कमर में पीड़ा है, लड़की का ब्याह नहीं हो रहा — और कोई नहीं पूछता कि जिसके लिए निकले थे वह उपलब्धि हुई या नहीं। और जहां व्यवस्था है वहां साधना के लिए एकांत नहीं मिलता। यह मेरा व्यक्तिगत भुक्त-भोगी अनुभव है। इसलिए साधक का जीवन बहुत जटिल है, और गृहस्थ में रहकर मैं आपको बता दूं — बहुत आसान है। प्रत्यक्ष ज्ञान के माध्यम से अब तो मार्ग एकदम आसान है।
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14