प्रश्नोत्तर P27-0035 · भाग 27
गुरु जी, आपके सत्संग से यह ज्ञान हो रहा है कि जिसने अपने आप को जान लिया उसने सब कुछ जान लिया — क्या यह सही है?
कहने का मतलब, पहले अपने आप को जानो। सबको जानो चाहे ना जानो — क्या करोगे जान के? अपने आप को जानो, अपने आप को पहचानो, बात खत्म। और अपनी पहचान तो वर्तमान में पता ही है कि तुम क्या हो; मूल में जाओ।
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14