प्रश्नोत्तर P27-0042 · भाग 27
गुरु जी, क्या आत्मज्ञान हो जाने पर जीव 84 लाख योनियों के बंधन से मुक्त हो जाता है? और मुक्ति के बाद दोबारा कोई जीवन मिलता है या नहीं?
हां, दुख-सुख से मुक्त हो जाता है। यह आप मुक्ति पा के खुद देख लो, क्योंकि बताने का कोई मतलब नहीं। लखीमल-करोड़ीमल का पाठ आपने पढ़ा है — दोनों दोस्त दुकान-दुकान भाव पूछते रहे, लस्सी का, छाछ का, मिठाई का; शाम हो गई, बोले सब मिला-जुला के तो पानी से ही बना, और नदी किनारे अंजुरी से पानी पीकर खुश होकर घर चले गए। वैसे ही आप लोग सब शब्दों से ही जानना चाहोगे — आत्मा क्या है, परमात्मा क्या है, आत्मज्ञान के बाद क्या होता है। अरे, पहले आत्मज्ञान की यात्रा तो करो! पूछ-पूछ के करने का जोश भी खत्म हो जाता है। पहले आगे तो बढ़िए; आत्मज्ञान के बाद क्या होगा वो देख लेना।
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14