प्रश्नोत्तर P27-0054 · भाग 27
गुरु जी, वासना को कैसे मिटाएं?
बेईमानी छोड़ दो — बेईमानी वासना है। काम भाव वासना नहीं है; काम भाव को बेईमानी से करना वासना है, यह ध्यान रखना। लोगों ने काम भाव को वासना बता दिया। आपकी पत्नी भी है और उसकी सहमति नहीं है, और आप काम भाव में आकर उसके साथ काम कर रहे हैं, तो वह वासना है। मतलब दोनों की सहमति होनी चाहिए। दुनिया में कोई भी काम करो, दोनों की सहमति होनी चाहिए; अगर दबाव या संकोच में किया जा रहा है तो वह वासना का रूप है, वहां बेईमानी होगी, और उस बेईमानी का परिणाम भोगना पड़ेगा। यही रहस्य है, इस रहस्य को समझिए।
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14