प्रश्नोत्तर P27-0065 · भाग 27
गुरु जी, आध्यात्मिक उन्नति में कांदा-लहसुन (प्याज-लहसुन) बंद है?
कौन बोला? कांदा-लहसुन दवा का काम करता है; लहसुन खून को पतला करता है, गैस को सही रखता है। जैसे आलू, मूली, गाजर पैदा होते हैं, वैसे ही यह भी पैदा हो रहा है; यह इंसान के खाने के लिए ही बना है। मैं एक ही बात कहता हूं — किसी की जेब मत काटो, चाहे संन्यासी हो चाहे गृहस्थ। ऊपरी कमाई लाकर किसी का शोषण कर रहे हो, बेईमानी, किसी का अपमान, किसी की निंदा, किसी की बुराई — यह तामसीपन आपको नहीं दिख रहा? इससे बड़ा गुनाह यह नहीं दिख रहा, प्याज खाना-लहसुन खाना दिख रहा है! प्याज छोड़ दिया तो क्या बदला जीवन में? भगत बन गए और दिन भर बेईमानी नहीं छोड़ी। सात्विक भोजन का मतलब — जो भोजन ईमानदारी के पैसे का हो, बिना किसी को तकलीफ दिए भोजन कर रहे हो, वही सात्विक भोजन है। प्याज-लहसुन काम को जागृत करता है, इसलिए उसे तामसिक में डाल दिया; लेकिन जिसकी हार्मोन की ऊर्जा कम हो, उसके लिए तो वह दवा है। आप लिमिट में प्याज-लहसुन खा सकते हो, वह दवा का काम करता है। आचरण में सुधार नहीं, और प्याज-लहसुन छोड़कर मन रोकने में लगे रहो — इससे कुछ लाभ नहीं होगा, यह मानव शरीर इन्हीं चीजों में निकल जाएगा।
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वीडियो: विचार कहां से आते हैं क्या हम विचारों को कंट्रोल कर सकते हैं #योगीजी_का_सत्संग #विचार #कंट्रोल · 2024-09-05