आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0119 · भाग 27

गुरु जी, एक गुरु हैं जिनसे मैं जुड़ा था, पर वहां हर महीने पैसे भरने पड़ते थे; ज्ञान वे अच्छा देते थे।

मैं आपको बता दूं — गुरु कभी ज्ञान देने का पैसा नहीं लेगा, जैसे मां अपने बच्चे को दूध पिलाने का पैसा नहीं लेगी; अगर ले रही है तो वह मां नहीं हो सकती। गुरु कभी ज्ञान देने का पैसा नहीं ले सकता; अगर ऐसा कर रहा है तो वह आत्मज्ञानी नहीं है, वो जानकार गुरु है — किताबों से रटी-रटाई बातें बोल रहा है। गुरु और मां कभी सृष्टि में बिकते नहीं; इन्हें आप खरीद नहीं सकते, और खरीद लिए तो समझ लेना कि गुरु नहीं है। क्योंकि बिकने से मुक्त हो गया, तब तो गुरु पद में पहुंचा। जिसे कुछ नहीं चाहिए वो कैसे बिकेगा? बिक रहा है, इसका मतलब कुछ चाहिए; "कुछ नहीं चाहिए" सिर्फ एक नाटक था, और नाटक ज्यादा दिन चलता नहीं।

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वीडियो: कुछ नहीं चाहिए मैं कैसे आए ? #livesatsangyogijika #pratyakshjyan #aadhyatmikgyan · 2025-03-12