आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0120 · भाग 27

गुरु जी, आज लाइव में ये प्रश्न आ रहे हैं कि साधु-संतों को लोगों ने एक फिगर बना दिया है कि ऐसा होना चाहिए; हमें भी यही बताया गया कि साधु-संन्यासी बड़े त्यागी होते हैं, उनका जीवन अलग होता है।

सुनिए, साधु-संन्यासी का मैं परिचय बता रहा हूं — ईमानदार, सत्कर्मी और चरित्रवान; बस यही उसका परिचय है। वो साधु से संत बन जाता है। स से साधना, धू से धूल — जिसने साधना करके अपनी धूल को साफ कर दिया, वह साधु; फिर बन जाता है संत। यही है साधु की परिभाषा: ईमानदारी, सत्कर्म और चरित्रवान। अगर आप में ये तीनों गुण हैं तो आप भी साधु, और एक समय ऐसा आएगा कि आप संत स्थिति में हो जाओगे। लेकिन तीनों लाना इतना आसान नहीं।

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वीडियो: कुछ नहीं चाहिए मैं कैसे आए ? #livesatsangyogijika #pratyakshjyan #aadhyatmikgyan · 2025-03-12