आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0140 · भाग 27

गुरु जी, गृहस्थ में रहकर भी उसे पाया जा सकता है क्या?

कहीं भी — मूल यह है कि कहीं भी रहो, बेईमानी-दुष्कर्म का त्याग करो, ईमानदारी-सत्कर्म अपना लो। दुनिया में कहीं भी रहो, आपकी उपलब्धि हो जाएगी। सीधी सी बात है, साफ-सुथरी।

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वीडियो: कुछ नहीं चाहिए मैं कैसे आए ? #livesatsangyogijika #pratyakshjyan #aadhyatmikgyan · 2025-03-12