आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0180 · भाग 27

गुरु जी, संसार की रचना ही ऐसी है कि हमसे बुराई होगी ही, क्योंकि बचपन से हमारे मस्तक में ऐसा ही डाला जाता है।

अब निकाल दो — अब बालक तो नहीं हो ना? मैं आप लोगों से एक बात पूछता हूं — इस दुनिया में कोई किसी को गाली सिखाता है? नहीं। फिर भी सबको अच्छी से अच्छी गाली आती है — कहां से सीख लेते हो? हमें कोई बुराइयां सिखाता नहीं; हम खुद धारण करते हैं, और बुराइयां चोरी से धारण करते हैं। सबने बिना क्लास के, बिना सिखाए गालियां सीख लीं। तो समाज से अच्छाई क्यों नहीं सीख पाए? अच्छाई तो सिखाई जा रही थी, बंट रही थी — वो क्यों नहीं सीखी? हम जन्म के साथ एक तरीका लेकर आते हैं; कोई भी हमें कुछ सिखाए, हम अपने तरीके से ही सीखते हैं और अपने तरीके से ही फिर सिखाते हैं।

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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30