प्रश्नोत्तर P28-0012 · भाग 28
गुरु जी, आप कहते हैं आत्मज्ञान के बाद ब्रह्मज्ञान होता है, पर सब कहते हैं एक ही है, दूसरा कुछ नहीं — क्या आत्मज्ञान और ब्रह्मज्ञान में अंतर है? क्या आत्मज्ञान पाने के बाद भी कुछ पाना शेष रह जाता है?
आत्मज्ञान तक आपको पहुंचना है, और ब्रह्मज्ञान खुद परमात्मा करवाता है — जब आप कुछ नहीं हो जाते, उसके बाद वह अपने आप को जनवाता है; उसे आप नहीं जान सकते, अब आप उस लायक हो गए। आत्मज्ञान के बाद पाने की इच्छा से मुक्त हो जाता है और प्रयास खत्म हो जाता है। जैसे गर्भधारण के बाद मां बनने का कोई प्रयास रहता है? बस इंतजार रहता है; प्रयास गर्भधारण के लिए रहता है।
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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30