आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0031 · भाग 28

गुरु जी, जब आत्मज्ञान होता है, तब कौन सा गुण ज्यादा होता है — सत, रज, तम, या सब बराबर?

तीनों से मुक्त होने के बाद आत्मज्ञान होता है — न सतोगुण रह जाता है, न रजोगुण, न तमोगुण। ये शरीर के स्वभाव हैं, और वह शरीर से ऊपर उठ गया। बाकी अन्य शरीरों में ये गुण नहीं हैं, वे अपने मूल स्वभाव में जीते हैं; बस मानव शरीर में ये तीन गुण हैं — सात्विक, तामसी, राजसी। ये तीन गुण इसलिए दिए गए हैं कि आप सात्विक गुण अपना के स्व तक पहुंच जाओ, और फिर तीनों से मुक्त हो जाओ — तभी आत्मज्ञान होगा।

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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30