प्रश्नोत्तर P28-0078 · भाग 28
गुरु जी, आप शक्तिपात दीक्षा दिया करो ना?
देखिए, नहीं दे सकता। एक बार मैंने लोगों को ध्यान में पहुंचाने का प्रयास किया था, वो लोग असफल हो गए — उस ऊर्जा को बर्दाश्त नहीं कर पाए, फिर मुझे उन्हें वापस लाना पड़ा। कहने का मतलब है, किसी को क्षमता से ज्यादा दे दो तो वो भार नहीं संभाल पाएगा, और उसकी जिम्मेदारी स्वयं की बनती है। हर आदमी आत्मज्ञान तक पहुंचना चाहता है — वो खुद अपने आप से पूछे कि क्या सच में वो आत्मज्ञान तक पहुंचने के लायक है या नहीं।
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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31