आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0094 · भाग 28

गुरु जी, मैं ईमानदारी और सत्कर्म के साथ आगे बढ़ रहा हूं, लेकिन साधना नहीं कर पा रहा हूं — इससे जीवन में कोई दिक्कत तो नहीं आएगी?

ईमानदारी से जीना और सत्कर्म करना ही साधना है। सत्संग सुनते रहिए और आगे बढ़ते रहिए।

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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30