प्रश्नोत्तर P28-0104 · भाग 28
गुरु जी, "हम पूर्ण हैं" — इस बात को कैसे समझें?
इसलिए कि हर फैसला आप ही कर रहे हो। फैसला करने वाला मेन है ना? सब फैसला वो कर रहा है — उचित का भी, अनुचित का भी, अच्छे का, बुरे का, राग का भी, द्वेष का भी। मेरा, कर्ता, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा — अज्ञान को भी समझ रहा है, ज्ञान को भी समझ रहा है, फंसने को भी समझ रहा है, और छूट कैसे जाऊं उसके लिए काम भी कर रहा है — तो मेन कौन हुआ?
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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30