आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0118 · भाग 28

गुरु जी, ज्ञान और वैराग्य विपरीत समय में हमारे जीवन में टिकता क्यों नहीं? मालूम होते हुए भी कि क्या काम नहीं करना, फिर भी वही करते हैं — ऐसा क्यों?

वैराग्य और ज्ञान इसलिए नहीं टिकता क्योंकि आप उसमें जिए नहीं। जब विपरीत परिस्थितियां आती हैं तो बनाए-उठाए शब्द काम नहीं करते। जिन शब्दों को किसी से सुना, पढ़ा — क्या उनमें कभी जिया? जियोगे तो टिकेगा। आपने शब्द रख लिए हैं, विपरीत परिस्थिति आती है तो शब्द हट जाते हैं, और कामनाओं में जो व्यवहार आपने धारण किया है वो जागृत हो जाता है — इसे बोलते हैं असली चेहरा सामने आ जाना। वैराग्य का मतलब है राग-द्वेष से मुक्त करा लेना — क्या इस स्थिति पर पहुंचे? बहुत गहराई से समझ के आगे बढ़िए।

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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31