प्रश्नोत्तर P28-0130 · भाग 28
गुरु जी, मुझे अपने अंदर बहुत सारी आवाजें सुनाई देती हैं।
ठीक है, सुनते रहिए, लेकिन उस पर आप लिप्त मत होइए — किसी आवाज में, चाहे राग में चाहे द्वेष में। सुनते रहिए, आगे बढ़ते रहिए।
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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31