प्रश्नोत्तर P28-0166 · भाग 28
गुरु जी, साधना कैसे और कब की जाए?
जब आपकी मर्जी तब करो। बस अपने आप को साधो — बुराइयों से अपने आप को मुक्त कराओ, राग-द्वेष से अपने आप को मुक्त कराओ। साधना का मतलब होता है अपने आप को साधना — एक ही साधे सब सधे, सब साधे सब जाए। एक कौन? स्वयं को साधना है, स्वयं को निर्विकार कराना है। राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, मेरा, कर्ता के भाव से अपने आप को छुड़ाना है और अपने आप में स्थिर होना है।
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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31