प्रश्नोत्तर P28-0186 · भाग 28
महाराज जी, सत्कर्म करने में भी किसी कोने में चाहत रह जाती है — क्या फिर भी सत्कर्म जारी रखें?
चाहत को हटाने के लिए ही तो सत्कर्म कर रहे हैं। कुछ गड़बड़ी है तभी ना। कपड़े क्यों धो रहे हैं? मैल लगा है। अब मैल नहीं होता तो पागल हैं जो कपड़े धोते, साबुन की बर्बादी करते? कहीं ना कहीं गड़बड़ी है, तभी सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।
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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30