आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0193 · भाग 26

गुरु जी, परिवर्तन से हमें भय क्यों लगता है?

हमें भय परिवर्तन से नहीं है। अगर परिवर्तन से भय होता तो संसार में रोज कुछ न कुछ हो रहा है — जन्म हो रहा है, किसी की मृत्यु हो रही है, आपके बगल में किसी का एक्सीडेंट हो जाता है, स्वास्थ्य खराब हो जाता है — तब आपको कोई दुख नहीं होता। दुख तब होता है जब "मेरा" में होता है। मेरे के साथ जब कुछ अशुभ होता है तब हमें दुख होता है और शुभ होता है तो सुख होता है। परिवर्तन दो तरह के होते हैं — अच्छा होता है तो सुख मिलता है, बुरा होता है तो दुख मिलता है — और परिवर्तन तो होना ही होना है, उसे कोई रोक नहीं सकता। सामने के पड़ोसी को लड़का हुआ तब सुख नहीं हुआ, अपने बेटे को बेटा हुआ तो सुख हुआ। मेरा में दुख है, मेरा में सुख है; वास्तव में ना सुख है ना दुख है।

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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14