प्रश्नोत्तर P26-0194 · भाग 26
गुरु जी, एक व्यक्ति एक ही स्थिति में रहता है, चाहे उसमें घुट रहा हो, फिर भी उससे बाहर निकलकर नई दिशा में जाने में उसे बड़ा भय लगता है — ऐसा क्यों?
डर तब होता है जब आप कमजोर होते हैं और सामने कोई आपका हाथ पकड़ने वाला मजबूत नहीं होता। तब जहां हो वहीं जिओगे, क्योंकि वहां कम से कम कुछ तो सुरक्षा है — चलो घुटन ही सही। कोई हाथ पकड़ने वाला चाहिए जिस पर मैं पूरी तरह विश्वास कर सकूं कि यह मुझे अपने से ज्यादा सुरक्षा देगा — तो आप एक झटके में निकल जाओगे। देखिए, कोई नौकरी करता है; जैसे ही अच्छा ऑफर आ गया, तुरंत छोड़ देता है। लेकिन जब तक ऑप्शन नहीं मिलता, डांट सुनता है, फटकार सुनता है, उसी को झेलता रहता है, क्योंकि यह छूट जाएगा तो कहां जाएंगे। हर व्यक्ति को एक सुरक्षा चाहिए और एक हाथ पकड़ने वाला चाहिए। और अगर परिस्थिति एकदम खराब है, जिसके साथ हो वह लायक है ही नहीं — करो या मरो वाली स्थिति है — तो फिर निकल जाना ही ठीक है।
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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14