आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P26-0198 · भाग 26

गुरु जी, वहां तक — उस स्थिति तक — पहुंचने के लिए हमें क्या करना है?

अभी आपने सही प्रश्न किया, अपनी स्थिति से प्रश्न किया। उस स्थिति को प्राप्त करने के लिए आपने जो-जो प्राप्त किया है वो छोड़ना पड़ेगा। कर्म में बेईमानी प्राप्त की है, उसे छोड़ देना — कर्म करते हुए छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड, यह छोड़ देना। मान की इच्छा छोड़ देना, बड़ा बनने की इच्छा छोड़ देना, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा छोड़ देना, दिखावा छोड़ देना, अनुमान लगाना छोड़ देना, ठीक शब्द का प्रयोग करना, और ईमानदारी से सत्कर्म में अपने आप को लगा देना — आप अपनी स्व की स्थिति में, अपने मूल में पहुंच जाओगे। अगर इतना छोड़ दिया तो दुनिया में कोई पैदा नहीं हुआ कि आपको गिरा दे; और अगर यह नहीं छोड़ा तो दुनिया में कोई पैदा नहीं हुआ कि तुम्हें उठा दे — यह याद रखना।

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वीडियो: परिवर्तन से भय क्यों है ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-14