आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0001 · भाग 28

गुरु जी, परमात्मा और मोक्ष को पाने के लिए क्या करना चाहिए?

परमात्मा मतलब परम ब्रह्म — सब कुछ उसी से है। हम जिसे पा लेंगे, वह मुझसे छोटा होगा; मुट्ठी के अंदर वही आएगा जो मुट्ठी से छोटा होगा। जब परमात्मा मेरे से बड़ा है तो उसको मैं कैसे पा सकता हूं? वह मुझे पा सकता है। जैसे छोटा चुंबक बड़े चुंबक के पास धीरे-धीरे हो जाए तो बड़ा चुंबक उसे खट से खींच लेगा। तो परमात्मा पाने का विषय नहीं है। हमें परमात्मा नहीं चाहिए, हमें कुछ चाहिए — अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए परमात्मा चाहिए। परमात्मा का मिलना जीवन में तब होगा जब कुछ नहीं चाहिए। और मोक्ष से पहले मुक्ति — जैसे किसी को मां बनना है तो पहले गर्भ धारण करना पड़ता है, फिर मां बनने के लिए अलग से कुछ नहीं करना पड़ता; वैसे ही पहले मुक्ति पाओ, मोक्ष अपने आप होगा। मुक्ति यह है कि राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड से मुक्त हो जाओ। योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग कर दो, जो चाहिए उसके लिए काम करो, योग्य बनो। जीवात्मा जब इच्छा-अपेक्षा में है तब तक जीव है; इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो गया तो आत्मा — जैसे पानी फ्रिज में गया तो बर्फ, बाहर निकाला तो फिर पानी; बर्फ के पीछे भी पानी ही था। तो पहले अपने आप को इच्छा-अपेक्षा से छुड़ाओ, तब आपको सब समझ में आएगा।

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वीडियो: परमात्मा और मोक्ष कैसे पाये । / #परमात्मा #मोक्ष · 2023-12-04