प्रश्नोत्तर P28-0021 · भाग 28
गुरु जी, कर्म खत्म हुए तो मोक्ष निश्चित है, या अगला जन्म होगा?
अगर इच्छा-अपेक्षा में हो तो अगला शरीर धारण करोगे; इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो गए तो आप आगे निकल जाओगे यात्रा में। यह शरीर — इसे आखिरी का पता है, क्योंकि पृथ्वी पर जब से नर-मादा आया है, इसकी चेतनता गई नहीं; चेतन चेतन को चेतन करता है, मुर्दे से बच्चे पैदा नहीं होते। यह आपको आखिरी जगह ले जाकर खड़ा कर देगा, जहां आपको शरीर की जरूरत नहीं होगी, जहां से आपकी यात्रा होगी। इसलिए इच्छा-अपेक्षा से मुक्त हो जाओ, तभी आप आखिरी में खड़े हो जाओगे। और अगर सोचो कि मैं शरीर हूं, तो भी आप रहोगे — मैं था, हूं और रहूंगा, हर स्थिति-परिस्थिति में।
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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30