आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0026 · भाग 28

गुरु जी, क्या अवस्थाएं परमानेंट होती हैं? जैसे प्रकृति, मन और शरीर बदलते हैं, तो जो अवस्था हमने पाई, वह भी तो बदल सकती है?

मुक्ति के अलावा कोई दूसरी अवस्था परमानेंट नहीं है, स्थिर नहीं है। मुक्ति ही एक ऐसी अवस्था है जो पाई नहीं जाती — हम अपने मूल में पहुंचे, अवस्था नहीं पाई, पाई हुई अवस्थाओं से मुक्त हुए। और आत्मज्ञान के बाद वह आपके ऊपर है।

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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30