प्रश्नोत्तर P28-0114 · भाग 28
प्रभु जी, क्या गुरु परंपरा से ही आत्मज्ञान प्राप्त होता है?
गुरु ज्ञान का प्रतीक है — ज्ञान लो, आगे बढ़ो। ज्ञान तो लेना ही पड़ेगा अगर अज्ञानता धारण की है। आपने कपड़े पहनकर संसार में घूमके मैल लगाया है, तो उसे धोने के लिए साबुन तो चाहिए — साबुन आपको बाहर से मिलेगा और शुद्ध जल आपको खोजना पड़ेगा। मार्ग साबुन का काम करता है, भाव पानी का। गु मतलब अंधकार, रु मतलब प्रकाश — जिसमें अंतरात्मा को प्रकाशित करने की क्षमता है वो गुरु। जो सत्य तक पहुंच गया हो, आत्मज्ञान को उपलब्ध हो गया हो, ऐसे लोगों से मिलो और शब्दों को लेकर आगे बढ़ो।
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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31