प्रश्नोत्तर P28-0133 · भाग 28
गुरु जी, 'मैं आत्मा हूं' — इस आत्मनिष्ठा को बनाए रखने के लिए यत्न करना पड़ता है; आत्मज्ञान होने पर ही यह सहज होगी। केवल निष्ठा में कब तक बने रहें?
देखिए, आत्मज्ञान के बाद यह बोलने की भी जरूरत नहीं पड़ती कि मैं आत्मा हूं। कोई अगर मां बन जाए तो उसे अपने आप से नहीं कहना पड़ता कि मैं मां बन गई। जब तक वो मां बनने के लिए प्रयास कर रही है, तब तक लोगों से कहेगी कि मेरी भी मां बनने की चाह है; लेकिन जब मां बन गई तो बात खत्म हो गई — अपने आप से भी कहने की जरूरत नहीं है।
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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31