आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0149 · भाग 28

गुरु जी, शून्य सब कुछ है, सब कुछ शून्य है — यह सही है या नहीं?

सही या गलत में तो मैं बात नहीं करता, मैं गलत-सही के ऊपर आपको बता रहा हूं। अगर आप शून्य ऐसे लिख देते हैं, तो शून्य के अंदर कुछ है, बाहर भी कुछ है — तो वह भी एक दायरा हो गया। शून्य भी तो कुछ है। उसने बाहर वाले दायरे से अपने दायरे को कम कर लिया, लेकिन अभी भी उसका अस्तित्व है। आप कितना भी छोटा शून्य लिखिए, उसके अंदर खाली जगह है, तभी तो शून्य माना जाएगा — और शून्य भी तो कुछ है। शून्य से भी पीछे आओ, वहां पर आप हो। फिर आपके बाद ब्रह्म की यात्रा शुरू होगी।

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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31