आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0188 · भाग 28

गुरु जी, कृपया बच्चों के संदर्भ में कुछ बताएं। आजकल बच्चे बहुत जल्दी पढ़ाई का तनाव ले लेते हैं। वे इससे कैसे बच सकें और साधना कर सकें?

मां-बाप को ध्यान रखना चाहिए। आजकल बस यही सिखाया जा रहा है — पढ़ के कमाना है और पैसे कमाना है। शिक्षा इसलिए जरूरी है कि आप संस्कार से जीवन कैसे जिएं। अब भाव ही अलग है कि बस वही विषय पढ़ना है, वही बनना है जिसमें पैसा है। बस मशीन बना दिए — लोग मशीन बन गए हैं और बच्चों को बना रहे हैं, एटीएम मशीन: हमने एक बंगला बनाया, तुम्हें दो बनाना। जीना सिखाओ भाई; जिंदगी मिली है जीने के लिए, संसाधन का सदुपयोग करना है। मात-पिता को पहले तो बच्चों के साथ एक-दो घंटा पर्सनल बैठना चाहिए। अब तो नौकरी के चक्कर में बच्चे भी कोई और पाल रहा है, पगार पे रख दिए। वो शरीर की सेवा करेंगे, आत्मिक सेवा नहीं दे सकते। आत्मिक सेवा एक मां ही दे सकती है। तो कम से कम बच्चे के लिए मां को नौकरी छोड़ देना चाहिए, और सोसाइटी का जो लेवल है उसको छोड़ के, जितने में जी सको, एक अच्छी जगह वहां रहो।

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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30