आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0189 · भाग 28

गुरु जी, क्या गुरु बदलने से भी दोष लगता है?

देखिए, अगर मान लीजिए आप बीमार हो और किसी के पास ठीक नहीं हो रहे हो, तो क्या डॉक्टर बदलने से दोष लगेगा? गुरु क्या है — गुरु शब्द है; शरीर बदल रहे हो, गुरु तो एक ही है। आपने एक कुआं या नल खोदा, उसमें से गंदा पानी आया, तो क्या वही पियोगे? उसको पाट के दूसरा नल खोजते हो, तो क्या दोष लगता है? पानी वो भी वहीं से आ रहा था, ये भी वहीं से आ रहा है। गुरु ज्ञान का प्रतीक है, गुरु शब्द है, शरीर तो है नहीं। हम अपने आत्मिक कल्याण के लिए निकले हैं; मुझे जहां समझ में आएगा वहां मैं जाऊंगा। मैं आपके पास व्यक्तिगत नहीं आया हूं, ज्ञान के लिए आया था। शिष्य पक्का पता कर सकता है कि ये गुरु योग्य है कि नहीं — जब वो आत्मिक कल्याण के लिए मार्ग पूछेगा। कई लोग डर की वजह से या दोष की वजह से गुरु बदल नहीं पाते — कोई दोष नहीं लगता। अगर भूल से, गलती से, किसी के बहकावे में आके गुरु बना लिया, तो उस गुरु का तुरंत त्याग करो, क्योंकि शरीर के लिए गए नहीं थे, शब्द लिए गए थे। इस नल से प्यास नहीं बुझ रही, तो अलग नल पकड़ो।

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वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का क्या कर्तव्य है शिष्य के प्रति / #योगीजी_का_सत्संग #गुरु #पूर्णिमा · 2024-07-21