प्रश्नोत्तर P29-0024 · भाग 29
गुरु जी, आप कहते हैं करने से ही तो छूटना है — तो क्या करने से छूटना है? क्योंकि कर्मों को करने से तो बचा नहीं जा सकता।
कर्म और कार्य में कुछ अंतर है। कर्म करते हुए छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धोखा, पाखंड — ये करना बंद कर दो। बात खत्म।
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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30