प्रश्नोत्तर P29-0060 · भाग 29
गुरु जी, अनजाने में (शादी जैसी) कोई गलती कर ली — अब पश्चाताप कैसे करूं, उसकी भरपाई कैसे हो?
उसकी पूरी व्यवस्था करो। जो आपके पीछे है, उसे रोटी चाहिए; तुम्हारे पश्चाताप से उसका पेट नहीं भरेगा। बेईमानी छोड़ दो, ईमानदारी अपना के सत्कर्म से भरपाई करो। ईमानदारी पर चलने में कष्ट भी होगा — कष्ट इसलिए हो रहा है कि आपने बेईमानी की है; जिस दिन बेईमानी का पूरा परिणाम खत्म हो जाएगा, उस दिन प्रसन्नता भरा जीवन हो जाएगा। जैसे चोट लग जाए तो ठीक होने में, मलहम-पट्टी में कष्ट होता है, लेकिन जब घाव भर जाएगा तो आप प्रसन्न हो जाओगे। वैसे ही बेईमानी करके अपने आप को अनेक घाव कर दिए हैं; जब तक वे भरेंगे नहीं, पूरी प्रसन्नता नहीं आएगी — मलहम-पट्टी कर रहे हो, खूब करो।
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वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का क्या कर्तव्य है शिष्य के प्रति / #योगीजी_का_सत्संग #गुरु #पूर्णिमा · 2024-07-21