प्रश्नोत्तर P29-0063 · भाग 29
गुरु जी, कर्म अच्छे हों तो क्या वास्तु दोष या कोई और दोष नुकसान करता है?
अगर कामनाओं में हो, अपने तरीके से चाहिए, तो बहुत कुछ नुकसान और फायदा है। और जब अपने तरीके का त्याग कर दो, तो ना कोई दोष, ना पाप, ना पुण्य — बस तुम ही तुम। यह जितना भी है, सब "चाहिए" में काम करता है; "चाहिए" नहीं तो बात खत्म। एक पागल किसी को धक्का मार दे तो उसे कौन दंड देगा? वैसे ही जब तुम्हें कुछ नहीं चाहिए, तो ना दोष, ना पाप, ना पुण्य। लड़ाई-झगड़ा तो तब होता है जब आपको अपने तरीके से कुछ चाहिए; बस अपने तरीके का त्याग कर, बात खत्म।
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वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का क्या कर्तव्य है शिष्य के प्रति / #योगीजी_का_सत्संग #गुरु #पूर्णिमा · 2024-07-21