आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P29-0130 · भाग 29

प्रभु, इस जीवन का लक्ष्य क्या भगवत प्राप्ति ही है?

ये आपको देखना है कि लक्ष्य क्या है, क्योंकि जीवन आपको मिला है — आपको पक्का करना है कि क्या चाहिए। उसके लिए मार्ग बताने वाले अनेक लोग मिल जाएंगे। जो आपको चाहिए, यही प्रकृति है — वैसे लोगों से आप मिलने लगोगे। बेईमानी करना है तो बेईमानी वाले मिलने लगेंगे; बेईमानी छोड़ के ईमानदारी में जीने लगोगे तो ईमानदार लोग मिलेंगे। जैसे आप जा रहे हो, जो रास्ता पूछोगे वो बता देगा; खाई का रास्ता पूछो तो खाई का बता देगा — उसे थोड़ी मालूम है कि तुम खाई देखने जा रहे हो या कूदने जा रहे हो। प्रकृति कल्पवृक्ष की तरह है; जो चाहिए वो मिलने लगता है। आप जैसे-जैसे उस योग्य होते हो, वैसे मिलने लगेगा — यह ध्यान रखना। तो सोच-समझ के रास्ता पूछो।

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वीडियो: सत्संग प्रश्न और उत्तर / #योगीजी_का_सत्संग #aadhyatmik_satsang · 2024-10-02