प्रश्नोत्तर P29-0132 · भाग 29
गुरु जी, भजन और सुमिरन में क्या अंतर है?
भजन का मतलब होता है — भज दो उसके लिए अपने आप को; अपने इष्ट के प्रति पूरी तरह समर्पित हो जाओ। और सुमिरन का मतलब होता है आप उससे प्रार्थना करो — अपनी आंतरिक प्रार्थना। "राम राम राम" बोलते रहना तो मंत्र हो गया। वो जो तड़प है, जो याद है — आप देखो उसमें क्या शब्द निकलते हैं; वो आपके ऊपर है, सबके अलग-अलग शब्द निकलेंगे; आपका उसके प्रति प्रेम कैसा है। भजन का मतलब सीधा है — अपने आप को उसके लिए भज दो; समर्पित हो जाना उसके प्रति, और उससे प्रार्थना करना कि कैसे मेरा अस्तित्व मिटे और मैं तुम में समा जाऊं, या तुम मुझ में समा जाओ। ना मैं रहूं, ना तुम रहो — क्योंकि तुम रहोगे तो मैं भी रहूंगा। और दिन भर कर्म करना सचेत होके, कि कहीं गलती ना हो, कहीं त्रुटि ना हो।
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वीडियो: सत्संग प्रश्न और उत्तर / #योगीजी_का_सत्संग #aadhyatmik_satsang · 2024-10-02