प्रश्नोत्तर P27-0136 · भाग 27
गुरु जी, रूप-रसपान की इच्छा छोड़ने का मतलब क्या यह है कि हम सभी प्रकार के रस छोड़ दें — भोजन वगैरह भी?
नहीं, भोजन एक जरूरत है। लेकिन भोजन इस तरीके से चाहिए कि आप भोजन में नहीं फंसे — आप भोजन के स्वाद में फंसे हो। रसपान की इच्छा का त्याग आपको कभी ना कभी करना पड़ेगा, तभी आप सत्य में हो पाओगे।
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वीडियो: कुछ नहीं चाहिए मैं कैसे आए ? #livesatsangyogijika #pratyakshjyan #aadhyatmikgyan · 2025-03-12