प्रश्नोत्तर P27-0160 · भाग 27
गुरु जी, दस में से आठ चीजें छोड़ सकते हैं, पर दो चीजें ऐसी होती हैं जो छोड़ते हैं तो कुछ समय बाद फिर पकड़ लेती हैं — वे आईं कहां से, और उनके बारे में क्या करें?
हमारे जीवन में जो कुछ भी आया है, मान के चक्कर में आया, बड़ा बनने के चक्कर में आया — बस। तो इन दोनों की इच्छा का त्याग करो। और इन दोनों की इच्छा का त्याग तब होगा जब योग्यता से ज्यादा जो चाहिए उसका त्याग करोगे। योग्यता से ज्यादा आपको चाहिए क्यों? जिस योग्य नहीं हो, उसे पाना क्यों चाहते हो? उसमें आपको गिरना पड़ेगा, आपका स्तर गिराना पड़ेगा, आपको वह बोलना पड़ेगा जो आप नहीं बोलना चाहते। बस दबाव में, मान के चक्कर में, बड़ा बनने के चक्कर में।
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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30