आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P27-0163 · भाग 27

गुरु जी, अगर मैं कुछ नहीं हूं, कोई नहीं हूं, तो फिर मैं यहां क्यों आया, मेरा काम क्या है? अब तक लगता था कि हमारा काम है समाज में चार या चालीस लोगों के लिए अच्छा करना — अब इसके बाद एक निष्क्रियता का भाव आता है।

आप कुछ नहीं हो जाएंगे तो निमित्त ही बन जाएंगे ना — एक्चुअली बन जाएंगे। यह फील करने वाली चीज नहीं है, यह एक्चुअली ही हो जाएगा; यह धारणा नहीं रहेगी, यह सच्चाई हो जाएगी।

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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30