प्रश्नोत्तर P27-0164 · भाग 27
गुरु जी, अगर मैं सभी कामों के लिए बस निमित्त हो गया, तो फिर तो मैं भगवान की कठपुतली बन गया — यह भाव अच्छा नहीं लगता।
इस निमित्त भाव को आपने ही तो स्वीकार किया है। कठपुतली अभी हो — कामनाओं की।
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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30