प्रश्नोत्तर P27-0165 · भाग 27
गुरु जी, अगर मैं परब्रह्म की, प्रकृति की कठपुतली बनकर काम करूंगा — तो वह है कौन? उसका स्वभाव, उसका स्वरूप क्या है?
"कौन है" से परे है — "कौन है" में नहीं आते। जब आप कुछ कर ही नहीं रहे हैं, हो रहा है, तो होने में कठपुतली कहां बनेंगे? आप तो बस देखेंगे होते हुए।
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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30