प्रश्नोत्तर P27-0193 · भाग 27
गुरु जी, राग-द्वेष आता है, लेकिन कभी दिख जाता है और कभी नहीं दिखता। हर समय सजगता बनी रहे, यह कैसे होगा?
बस योग्यता से ज्यादा जो चाहिए, उसका त्याग करिए; मान की इच्छा का त्याग करिए। उम्मीद छोड़ दो — बस, बात खत्म। उम्मीद ही भटकाती है।
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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30