आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P28-0006 · भाग 28

गुरुदेव, अगर कोई अपना समय, पैसा और ऊर्जा समाज के हित में लगाना चाहे, तो आपके हिसाब से उसे क्या करना चाहिए?

देखिए, एक होता है मैं खुद करूं, और एक होता है कोई कर रहा है तो उसमें सहायता करूं — धन से, तन से, ज्ञान से। वहां क्या जरूरत है, देख लो, समझ लो, तब सहयोग दो। और पहले देख लो कि अगर मैं यह ताकत दे रहा हूं तो उसका सदुपयोग हो रहा है या दुरुपयोग। उस व्यक्ति को ताकतवर बनाइए जो सत्कर्मी हो; दुष्कर्मी है तो ताकतवर मत बनाओ, क्योंकि सपोर्ट करने का मतलब है आप अपनी ताकत दे रहे हो। चाहे धन हो, तन हो या ज्ञान, वह आपको आपके कर्म से मिला है, तो उसका सदुपयोग होना चाहिए। सहयोग करने से पहले पूरी तरह जांच लो कि वह जो बता रहा है, कर भी रहा है या नहीं। और जरूरत देखिए कि सच में उसका उपयोग होगा या नहीं — मैं दे दूं और उसका दुरुपयोग हो, तो उसका जिम्मेदार मैं भी रहूंगा।

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वीडियो: जीवन में आध्यात्म की जरूरत क्यों पड़ती है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30