प्रश्नोत्तर P28-0051 · भाग 28
गुरु जी, वासनाएं क्या होती हैं और उनका उद्गम स्थान कहां से होता है? कृपया गहराई में बताइए।
पहले जरूरत होती है। और जब आपको अपने तरीके से चाहिए और आप उसमें बेईमानी करते हो, तो वही जरूरत वासना का रूप ले लेती है — उसके जिम्मेदार आप हो। जब आप किसी के साथ कुछ करते हो और वो नहीं चाहता, आप जबरदस्ती करते हो और आपको पता है कि गलत है — ये वासना आपको गिराती है, चाहे भोजन हो, देखना हो, सुनना हो, शब्द हो, दृश्य हो, सुगंध हो, स्वाद हो या स्पर्श हो। जैसे यात्राओं में भीड़ का बहाना देकर कोई किसी को स्पर्श कर लेता है — ये बेईमानी है, और इसका परिणाम आपको भोगना पड़ेगा, बचोगे नहीं, क्योंकि सामने वाला चुप रहा पर उसके रोम-रोम से आपके लिए श्राप निकला। उस जगह आपकी मां या बहन होती तो क्या उस व्यक्ति को छोड़ देते? उसकी सजा प्रकृति देती है; प्रकृति का हिसाब-किताब बड़ा भयानक है। जिसे तुम गलती नहीं समझ रहे हो, वो बहुत बड़ी गलती है, बहुत बड़ा अपराध है। इसलिए कहा गया है — किसी को इतना ना दुखाओ कि वो अंदर से श्राप दे।
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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30