प्रश्नोत्तर P28-0052 · भाग 28
गुरु जी, मैं मुझ में ही हूं, तो उस परमात्मा को कैसे पहचानूं जो मुझसे जुदा नहीं है?
जब वो जुदा ही नहीं है तो खोज किसकी? जब वो जुदा ही नहीं है तो खोज क्यों कर रहे हो, क्यों पहचानना चाहते हो? पहचानना तो उसे है जो भूल गया हो और जुदा हो गया हो। अब आप कह रहे हो जुदा भी नहीं है — तो पहचानने की क्या जरूरत है भैया?
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वीडियो: भाव, गुण और लक्षण में भेद क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-30