प्रश्नोत्तर P28-0145 · भाग 28
गुरु जी, गृहस्थ में रहते हुए जीवन मुक्ति का अनुभव जल्दी कैसे हो सकता है?
देखिए, गृहस्थ जीवन में अगर हैं तो आंतरिक ईमानदारी, मेहनत, और मेरे कर्म से किसी को तकलीफ ना हो। घर पर आया हुआ धन आपकी ईमानदारी का हो, उससे आप कोई वस्तु खरीद रहे हैं तो ईमानदारी का धन हो, ईमानदारी की व्यवस्थाएं हों। और सत्कर्म करते रहिए — भूखे को भोजन, प्यासे को पानी, बिना आवरण देखे। कपड़ा मत देखना कि गंदा कपड़ा है तो इसे भोजन नहीं कराना — भूख भूख होती है, चाहे अच्छा कपड़ा हो चाहे गंदा, चाहे कार वाला हो चाहे पैदल वाला। उसको भी बैठा के खिला देना। आंतरिक ईमानदारी, मेहनत, मेरे कर्म से किसी को तकलीफ ना हो — इसका ध्यान रखते हुए आगे बढ़ना।
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वीडियो: आत्मज्ञान तक पहुंचने वालों के लिए ध्यान रखने वाली विशेष ज्ञान / #आत्मज्ञान #satsang · 2024-08-31